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विधायक ढुल के सिंचाई वयवस्था सुधारीकरण पर अब नाबार्ड की मुहर जुलाना हल्के में सिंचाई व्यवस्था सुधारीकरण को मिली बड़ी कामयाबी

 9 माइनर व रजबाहों के पुनर्निर्माण के लिए नाबार्ड देगा सिंचाई विभाग को 29 करोड़ 41 लाख का लोन · लम्बे समय से थे सिंचाई व्यवस्था के सुधारीकरण के लिए संघर्षरत; पत्र प्राप्ति के बाद बताया संघर्ष व प्रजातंत्र की जीत · प्रजातंत्र के हर पटल पर समुचित व्यवस्था सुधारीकरण को लेकर जारी रहेगा संघर्ष: विधायक ढुल 

ऐसे होगा पुनर्निर्माण करसौला माइनर का RD 0 से 72853 टेल तक: 990.04 लाख रूपये लागत बराड़खेड़ा माइनर 1L का RD 0 से 19000 टेल तक: 160.43 लाख रूपये लागत बराड़खेड़ा माइनर का RD 0 से 33451 टेल तक: 377.43 लाख रूपये लागत चाबरी माइनर का RD 0 से 24460 टेल तक: 237.35 लाख रूपये लागत निडानी माइनर का RD 0 से 13400 टेल तक: 69.68 लाख रूपये लागत न्यू शामलो माइनर का RD 0 से 16380 टेल तक: 166.18 लाख रूपये लागत मालवी-सामन लिंक का RD 0 से 49450 टेल तक: 484.12 लाख रूपये लागत लुदाना माइनर का RD 0 से 30880 टेल तक: 341.23 लाख रूपये लागत ढिगाना माइनर का RD 0 से 14000 टेल तक: 114.30 लाख रूपये लागत चण्डीगढ़, 16 जनवरी 2018 --- जुलाना हल्के में जर्जर हो चुकी सिंचाई व्यवस्था के सुधारीकरण को लेकर लम्बे समय से प्रयासरत हल्का विधायक परमेन्द्र सिंह ढुल की मुहीम अब फिर से रंग लाने लगी है। नेशनल बैंक फॉरएग्रीकल्चर एंड रुरल डेवलपमेंट (नाबार्ड) ने विधायक ढुल द्वारा प्रस्तावित सिंचाई व्यवस्था में आधारभूत सुधारीकरण के लिए कुछ माह पूर्व सिंचाई विभाग द्वारा मंज़ूर किये गए प्रस्तावों पर 29 करोड़ 41 लाख का लोन सैंक्शनकरने के साथ ही कार्यों का शुभारम्भ करने के लिए मुहर लगा दी है। इससे पूर्व कुछ माह पहले सिंचाई विभाग, हरियाणा सरकार ने विधायक ढुल द्वारा भेजे गए मांगपत्र और परियोजना बजट एस्टिमेट्स को स्वीकारते हुए जेडी3 का पुनर्निर्माण करने के लिए 11 करोड़ के कार्यों पर भी मुहर लगाई थी। इसी के साथ ही अन्य कार्यों को नाबार्ड से लोन अनुमोदन के लिए मुम्बई कार्यालय में भेजा जाना निश्चित हुआ था। इस विषय पर नाबार्ड से प्राप्त पत्र के माध्यम से और अधिक जानकारी देते हुए विधायक ढुल ने कहा की सिंचाई विभाग ने जुलाना हल्के के अन्तर्गत आने वाली करसौला माइनर का RD 0 से 72853 टेल तक 990.04 लाखरूपये की लागत से, बराड़खेड़ा माइनर 1L का RD 0 से 19000 टेल तक 160.43 लाख रूपये की लागत से, बराड़खेड़ा माइनर का RD 0 से 33451 टेल तक 377.43 लाख रूपये की लागत से, चाबरी माइनर का RD 0 से24460 टेल तक 237.35 लाख रूपये की लागत से, निडानी माइनर का RD 0 से 13400 टेल तक 69.68 लाख रूपये की लागत से, न्यू शामलो माइनर का RD 0 से 16380 टेल तक 166.18 लाख रूपये की लागत से,मालवी-सामन लिंक का RD 0 से 49450 टेल तक 484.12 लाख रूपये की लागत से, लुदाना माइनर का RD 0 से 30880 टेल तक 341.23 लाख रूपये की लागत से और ढिगाना माइनर का RD 0 से 14000 टेल तक114.30 लाख रूपये की लागत से लगभग 29 करोड़ 41 लाख का बजट प्रदेश सिंचाई विभाग के लिए लोन के रूप में मंज़ूर किया है। विधायक ढुल के अनुसार इन सब कार्यों के पूरा हो सकने से लगभग 35 से ज्यादा गांवो केखेतों को पानी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हो पाएगा। इनमे से अधिकांश गांव ऐसे हैं जहां पिछले 13 वर्षों से पानी नहीं पहुंचा है। इससे पूर्व भी विधायक ढुल प्रदेश सरकार तथा सिंचाई विभाग पर जुलाना हल्के की सिंचाई व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए दबाव बनाने में सफल रहे थे। जिसके फलस्वरूप विभाग ने हाल ही में लगभग 11 करोड़ की लागतसे जेडी 3 का पुनर्निर्माण कार्य शुरू किया था। इससे पूर्व मार्च 2016 के प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र में शादीपुर माइनर तथा जुलाना सब-माइनर के पुनर्निर्माण को मंज़ूर करवाने में भी सफल रहे थे तथा वर्ष 2013-14 मेंकिलाज़फ़रगढ़ माइनर के पुनर्निर्माण को भी संघर्षरत रह कर मंज़ूर करवा पाने में सफल हुए थे। इनमे से अधिकांश कार्यों पर काम पूरा हो चुका है। गौरतलब है की गत वर्ष विधानसभा सत्र में सरकार ने क्षेत्र में सिंचाई व्यवस्थाको दुरुस्त करने के उद्देश्य से गाँव बीबीपुर के खेतो के लिए रजबाहा नंबर सात से नई माइनर स्वीकृत की थी। इसी के साथ बहबलपुर माइनर का रामकली माइनर से लिंक भी मंज़ूर किया था। करेला माइनर को भी मंजुरीमिली थी। गाँव निडानी व पड़ाना के खेतों में पानी पहुचाने को लेकर सरकार सर्वे भी तैयार किया गया था। विधायक ढुल ने कहा की उनका प्रयास है की क्षेत्र के हर खेत को पर्याप्त पानी पहुंचना चाहिए जिससे पहले से ही आहत किसान को खेती करने के लिए जरुरी उर्ज़ा मिल सके। क्षेत्र का लगभग 70 फीसदी से ज्यादा हिस्सा आजभी पानी के आभाव में सूखा है। हल्के से दो-दो बड़ी कैनालों के गुजरने के बाद भी हमें पानी से वंचित रखा जा रहा था। उन्होंने कहा की सुन्दरब्रांच व हांसीब्रांच अपनी स्वीकृत क्षमता से कम चल रही हैं। मुनक हैड परआधारभूत संरचना की गड़बड़ी की वजह से इन दोनों ब्रांचों को 3000 क्यूसेक पानी कम मिल रहा है। उनका प्रयास है की मुनक हैड को दोबारा दुरुस्त किया जाये ताकि बढ़ा हुआ पानी क्षेत्र को मिल सके। जुलाना क्षेत्रवासियोंको काफी लम्बे समय से बिरोली माइनर, करेला माइनर, बीबीपुर माइनर, बहबलपुर माइनर की लिंकेज, बुआना सब माइनर की लिंकेज आदि की जरूरत है मगर सरकारी दुभांत के चलते हमें हमारे हक से वंचित रखा जा रहाथा। इसी के साथ ही उनका प्रयास रहेगा की नहरी मंडलों का पुनर्गठन करके जीन्द डिवीज़न को दो भागों में बांटा जाये जिसमे जुलाना डिवीज़न अलग से बने जिसमे सुन्दरसब ब्रांच का एरिया लगभग 1,18,000 एकड़ ही रहेतथा जीन्द डिवीज़न में हांसी ब्रांच का लगभग 1,14,000 एकड़ रहे। जुलाना डिवीज़न का हेड ऑफिस जुलाना में ही बने जिसके लिए बिल्डिंग भी उपलब्ध है। साथ ही कर्मचारियों की कमी को भी यथाशीघ्र पूरा किया जाये। अपनी मांगों के स्वीकृत किये जाने को लेकर विधायक ढुल ने कहा की उन्हें विभाग और सरकार से जो मंज़ूरी मिली हैं वह जनता की आवाज़ की ही जीत है। प्रजातंत्र की जीत है। विपक्ष की मज़बूती की जीत है। वह भविष्य मेंभी प्रजातांत्रिक तरीकों से जुलाना व जीन्द की समस्याओं व जरूरतों को लेकर लड़ाई लड़ते रहेंगे। उन्होंने सम्बंधित अधिकारीयों को उनके विशेष सहयोग के लिए धन्यवाद भी किया।

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