शिक्षा अधिकारी के नाम पहुंचा गुमनाम पत्र, लिखा था- इन 3 शिक्षकों ने स्कूल में किया गैंगरेप
कोचिंग के बहाने तीन शिक्षकों पर जेबीटी छात्रा से गैंगेरेप की शिकायत की
जांच शुरू हो गई। हालांकि अब तक पुलिस अधिकारी और शिक्षा विभाग शिकायतकर्ता
छात्रा और आरोपी शिक्षक तक नहीं पहुंच सके हैं।
वहीं रविवार को जांच के लिए राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी डीएसपी ऑफिस पहुंची। उन्होंने इस मामले में डीएसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी से बात की। उन्होंने लड़की और अध्यापकों का जल्द से जल्द से पता लगाने को कहा। उन्होंने कहा, जांच में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी और बैठक में वर्तमान शिक्षा अधिकारी के न पहुंचने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
ढाई महीने पहले कथित तीन प्राध्यापकों द्वारा एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में जांच-पड़ताल के लिए राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी रविवार को जींद पहुंची। उन्होंने इस मामले में गठित एसआईटी से बातचीत की तथा निर्देश दिए कि पुलिस लड़की का जल्द से जल्द पता लगाकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे।
लगभग ढाई महीने पहले एक छात्रा ने राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के तीन प्राध्यापकों के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। छात्रा ने इसकी शिकायत पीएम, सीएम, डीसी, एसपी, महिला आयोग को भी भेजी थी। शिकायत में छात्रा ने बताया था कि वह जेबीटी की छात्रा है और जेबीटी की कोचिंग के बहाने राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के तीन प्राध्यापक उसे स्कूल में बुलाते थे। उन्होंने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।
प्राध्यापकों ने उसकी एक अश्लील वीडियो भी बनाई थी, जिसके बाद वे उसे ब्लैकमेल करने लगे। इस मामले में डीईओ ने कोई कार्रवाई नहीं तो शिक्षा निदेशालय ने मामले में संज्ञान लेते हुए मामले की रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद कार्यकारी डीईओ ने मामले में स्कूल प्रिंसिपल को तलब कर इस मामले में जांच रिपोर्ट देने को कहा है। दूसरी तरफ एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच के लिए डीएसपी रामभज के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी गठित कर दी।
वहीं रविवार को जांच के लिए राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी डीएसपी ऑफिस पहुंची। उन्होंने इस मामले में डीएसपी के नेतृत्व में गठित एसआईटी से बात की। उन्होंने लड़की और अध्यापकों का जल्द से जल्द से पता लगाने को कहा। उन्होंने कहा, जांच में लापरवाही बरतने पर तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी और बैठक में वर्तमान शिक्षा अधिकारी के न पहुंचने पर उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई के लिए लिखा जाएगा।
ढाई महीने पहले कथित तीन प्राध्यापकों द्वारा एक छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म मामले में जांच-पड़ताल के लिए राज्य महिला आयोग की सदस्य सुमन बेदी रविवार को जींद पहुंची। उन्होंने इस मामले में गठित एसआईटी से बातचीत की तथा निर्देश दिए कि पुलिस लड़की का जल्द से जल्द पता लगाकर आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई करे।
लगभग ढाई महीने पहले एक छात्रा ने राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के तीन प्राध्यापकों के खिलाफ जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र लिखकर सामूहिक दुष्कर्म का आरोप लगाया था। छात्रा ने इसकी शिकायत पीएम, सीएम, डीसी, एसपी, महिला आयोग को भी भेजी थी। शिकायत में छात्रा ने बताया था कि वह जेबीटी की छात्रा है और जेबीटी की कोचिंग के बहाने राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल के तीन प्राध्यापक उसे स्कूल में बुलाते थे। उन्होंने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया था।
प्राध्यापकों ने उसकी एक अश्लील वीडियो भी बनाई थी, जिसके बाद वे उसे ब्लैकमेल करने लगे। इस मामले में डीईओ ने कोई कार्रवाई नहीं तो शिक्षा निदेशालय ने मामले में संज्ञान लेते हुए मामले की रिपोर्ट मांगी है। इसके बाद कार्यकारी डीईओ ने मामले में स्कूल प्रिंसिपल को तलब कर इस मामले में जांच रिपोर्ट देने को कहा है। दूसरी तरफ एसएसपी ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मामले की जांच के लिए डीएसपी रामभज के नेतृत्व में चार सदस्यीय एसआईटी गठित कर दी।

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